Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi [top] 〈1080p〉
लगान, कर (Taxes), शुल्क, या राजस्व का कोई भी बकाया जो सरकार को देय है।
प्रमुख विशेषताएं और प्रावधान: Bihar and Orissa Public Demands Recovery Act, 1914
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बीसवीं सदी की शुरुआत में, भारत ब्रिटिश शासन के अंतर्गत था। उस समय बिहार और उड़ीसा (वर्तमान ओडिशा) बंगाल प्रेसीडेंसी का हिस्सा थे। 1912 में एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ—बंगाल का विभाजन हुआ और को एक अलग प्रांत (Province) का दर्जा दिया गया। धीरे-धीरे चुका देगा
यदि किसी के खिलाफ गलत सर्टिफिकेट जारी किया गया है, तो वह कलेक्टर या उच्चाधिकारी के पास अपील कर सकता है।
यदि कोई व्यक्ति प्रमाण-पत्र अधिकारी के निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो कानून उसे उच्च अधिकारियों के समक्ष अपील करने का अधिकार देता है:
बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम 1914 PDF हिंदी में कैसे प्राप्त करें? धीरे-धीरे चुका देगा
जैसे ही रामू को के तहत नोटिस मिला, उसके हाथ-पांव फूल गए। नोटिस का मतलब था कि अब वह अपनी जमीन किसी और को बेच या दान नहीं कर सकता था (धारा 8)। उसकी संपत्ति पर अब सरकार का पहला हक (Charge) बन गया था।
अपील और पुनरीक्षण (Appeal, Revision, and Review)
बिहार के एक छोटे से गाँव, चैनपुर में रामू नाम का एक किसान रहता था। रामू ने कुछ साल पहले खेती के लिए सरकारी सहकारी समिति से बड़ा ऋण (Loan) लिया था। फसल खराब होने और घर की जिम्मेदारियों के कारण वह समय पर किश्तें नहीं भर पाया। उसे लगा कि सरकारी पैसा है, धीरे-धीरे चुका देगा, लेकिन कानून अपना काम कर रहा था। धीरे-धीरे चुका देगा
बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914: मुख्य विवरण
कलेक्टर को देय सार्वजनिक मांग के लिए प्रमाण पत्र दाखिल करना।
बिहार में हालिया बदलाव: